वह आशीष जो घर से निकलती है: आपका घर कैसे पूरे मोहल्ले के लिए आशीष बन सकता है?

"तेरे द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएँगे।" (उत्पत्ति 12:3)
"क्योंकि जहाँ दो या तीन मेरे नाम पर इकट्ठे होते हैं, वहाँ मैं उन के बीच में हूँ।" (मत्ती 18:20)
आज का संदेश: परमेश्वर एक परिवार को आशीष देता है ताकि वह परिवार पूरे मोहल्ले को आशीष दे, अब्राहम के साथ परमेश्वर की योजना सिर्फ अब्राहम के लिए नहीं थी। परमेश्वर ने कहा - तेरे द्वारा सारे कुल आशीष पाएँगे। मतलब, आशीष तुम पर रुकेगी नहीं, तुम से बहेगी।
यही घरेलू कलीसिया का रहस्य है।
बहुत से लोग सोचते हैं - पहले हमारा घर आशीषित हो जाए, फिर हम दूसरों को आशीष देंगे । पर परमेश्वर का नियम उल्टा है - जब तुम अपने घर को दूसरों के लिए खोलते हो, तब तुम्हारा घर आशीषित होता है ।
आपका घर कैसे आशीष का स्रोत बनता है?
1. जब आपका दरवाजा खुलता है।
आज के समय में सबके दरवाजे बंद हैं, दिल बंद हैं। सब डर में जीते हैं। पर जब आप अपना घर प्रार्थना के लिए खोलते हो, तो वह घर सिर्फ घर नहीं रहता, वह अस्पताल बन जाता है। लूका 10 में यीशु ने 70 चेलों को घर-घर भेजा और कहा - जिस घर में जाओ, कहो - इस घर को शांति मिले। आपका घर मोहल्ले के लिए शांति का घर बनना चाहिए।
2. जब आपकी मेज बढ़ती है ।
1 राजा 17 में सारपत की विधवा के पास सिर्फ मुट्ठी भर आटा था। पर जब उसने उसे परमेश्वर के जन के लिए खोल दिया, तो उसका घड़ा कभी खाली नहीं हुआ। आपका घर जब दूसरों को खिलाता है, दूसरों के लिए प्रार्थना करता है, तो स्वर्ग आपके घर के भंडार को भर देता है। जो घर सिर्फ अपने लिए जीता है, वह घटता है। जो घर दूसरों के लिए जीता है, वह बढ़ता है।
3. जब आपके बच्चे गवाह बनते हैं।
भजन संहिता 127:4 कहता है - "जवान के पुत्र हाथ में तीरों के समान हैं।" तीर तरकश में रखने के लिए नहीं, चलाने के लिए होते हैं, घरेलू कलीसिया में पले हुए बच्चे सिर्फ अच्छे बच्चे नहीं बनते, वे योद्धा बनते हैं। वे स्कूल में, कॉलेज में, नौकरी में यीशु की गवाही देते हैं। आपका घर तीर बनाने की फैक्ट्री है।
इसलिए आज डरो मत।
लोग क्या कहेंगे - इसकी चिंता मत करो। मत्ती 18:20 कहता है जहाँ दो या तीन मेरे नाम से हैं, मैं वहाँ हूँ। आपको भीड़ नहीं चाहिए, सिर्फ दो लोग चाहिए जो यीशु से प्यार करते हैं। वहीं से पुनरुत्थान शुरू होगा। आज आपका घर छोटा दिख सकता है, पर परमेश्वर की आँखों में वह एक उद्देश्यपूर्ति का स्थान है।
आज की प्रार्थना: पिता, तूने अब्राहम को आशीष दी ताकि वह सबके लिए आशीष बने। आज मैं भी अपना घर तेरे लिए खोलता/खोलती हूँ। मेरा घर मेरे लिए नहीं, तेरे राज्य के लिए हो। मेरे घर से मेरे पड़ोसियों, मेरे शहर और मेरे देश को आशीष मिले। मेरे घर को आशीष का सोता बना। प्रभु यीशु के नाम में, आमीन।
आज की घोषणा: अपने घर के दरवाजे पर हाथ रखकर कहें - "यह घर आशीषित है और यह घर आशीष का स्रोत है! यहाँ से जीवन निकलेगा!"
आज का काम: इस हफ्ते अपने घर में एक परिवार को चाय के लिए बुलाएं । साथ में 10 मिनट प्रार्थना करें। और देखें परमेश्वर क्या करता है।
शालोम,

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